संक्षेप में: 2027 में गृह प्रवेश मुहूर्त की कुल 45 तारीखें हैं, जनवरी से जून और फिर नवंबर-दिसंबर में। जुलाई से अक्टूबर तक चातुर्मास है, उस बीच एक भी मुहूर्त नहीं। इन 45 में से 9 तारीखें खरमास में पड़ती हैं, जिन्हें ज़्यादातर परिवार टाल देते हैं, तो असल में काम की 36 तारीखें बचती हैं। खरमास छोड़ दें तो सबसे ज़्यादा मुहूर्त मई और नवंबर (आठ-आठ) और फ़रवरी (सात) में हैं।
मैं सौरभ सेन हूँ, 2016 से वैदिक ज्योतिष और वास्तु पर काम कर रहा हूँ, और बेंगलुरु में रहता हूँ। नीचे की हर तारीख मैंने तीन अलग पंचांग सूचियों से मिलाकर देखी है; तीनों में 45 की 45 तारीखें एक हैं, समय में बस कुछ मिनट का फ़र्क़ है। समय नई दिल्ली के हिसाब से है। यह सबके लिए छपी आम सूची है, आपके घर के लिए कौन सा दिन ठीक है, यह आपकी कुंडली बताएगी।
2027 में गृह प्रवेश मुहूर्त: महीने-वार तारीखें
कई मुहूर्त रात में शुरू होकर अगली सुबह तक चलते हैं। पंचांग में दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, इसलिए आधी रात के बाद का समय भी पिछली तारीख का ही मुहूर्त माना जाता है।
जनवरी 2027
| तारीख | दिन | मुहूर्त (नई दिल्ली) | नक्षत्र | ध्यान दें |
|---|---|---|---|---|
| 1 जनवरी | शुक्रवार | दोपहर 1:09 से शाम 5:29 तक | चित्रा | धनु खरमास के भीतर |
फ़रवरी 2027
| तारीख | दिन | मुहूर्त (नई दिल्ली) | नक्षत्र | ध्यान दें |
|---|---|---|---|---|
| 10 फ़रवरी | बुधवार | 11 फ़रवरी तड़के 3:04 से सुबह 7:03 तक | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | |
| 11 फ़रवरी | गुरुवार | सुबह 7:03 से 12 फ़रवरी तड़के 3:18 तक | रेवती | वसंत पंचमी |
| 15 फ़रवरी | सोमवार | रात 10:43 से 16 फ़रवरी सुबह 6:59 तक | रोहिणी, मृगशिरा | |
| 22 फ़रवरी | सोमवार | सुबह 11:54 से 23 फ़रवरी सुबह 6:53 तक | उत्तरा फाल्गुनी | |
| 24 फ़रवरी | बुधवार | रात 8:39 से 25 फ़रवरी सुबह 6:51 तक | चित्रा | |
| 25 फ़रवरी | गुरुवार | सुबह 6:51 से 9:32 तक | चित्रा | |
| 27 फ़रवरी | शनिवार | सुबह 11:39 से रात 9:54 तक | अनुराधा |
मार्च और अप्रैल 2027
| तारीख | दिन | मुहूर्त (नई दिल्ली) | नक्षत्र | ध्यान दें |
|---|---|---|---|---|
| 3 मार्च | बुधवार | रात 10:34 से 4 मार्च सुबह 6:44 तक | उत्तराषाढ़ा | |
| 4 मार्च | गुरुवार | सुबह 6:44 से 7:24 तक | उत्तराषाढ़ा | सिर्फ़ 40 मिनट |
| 10 मार्च | बुधवार | सुबह 6:37 से 11 मार्च सुबह 6:36 तक | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | पूरा दिन |
| 11 मार्च | गुरुवार | सुबह 6:36 से 11:19 तक | रेवती | मीन खरमास से पहले आख़िरी |
| 15 मार्च | सोमवार | सुबह 6:31 से 10:50 तक | रोहिणी, मृगशिरा | मीन संक्रांति के आसपास, पंडित से पक्का करें |
| 22 मार्च | सोमवार | शाम 4:13 से रात 8:45 तक | उत्तरा फाल्गुनी | मीन खरमास के भीतर |
| 24 मार्च | बुधवार | सुबह 6:21 से शाम 7:25 तक | चित्रा | मीन खरमास के भीतर |
| 26 मार्च | शुक्रवार | रात 8:35 से 27 मार्च सुबह 6:17 तक | अनुराधा | मीन खरमास के भीतर |
| 27 मार्च | शनिवार | सुबह 6:17 से दोपहर 1:33 तक | अनुराधा | मीन खरमास के भीतर |
| 31 मार्च | बुधवार | रात 10:16 से 1 अप्रैल सुबह 6:12 तक | उत्तराषाढ़ा | मीन खरमास के भीतर |
| 1 अप्रैल | गुरुवार | सुबह 6:12 से 9:25 तक | उत्तराषाढ़ा | मीन खरमास के भीतर |
मई 2027
| तारीख | दिन | मुहूर्त (नई दिल्ली) | नक्षत्र | ध्यान दें |
|---|---|---|---|---|
| 7 मई | शुक्रवार | रात 11:42 से 8 मई सुबह 5:35 तक | रोहिणी | |
| 8 मई | शनिवार | सुबह 5:35 से 9 मई सुबह 5:35 तक | रोहिणी, मृगशिरा | पूरा दिन; अक्षय तृतीया 8 या 9 मई |
| 15 मई | शनिवार | दोपहर 12:00 से 16 मई सुबह 5:30 तक | उत्तरा फाल्गुनी | |
| 17 मई | सोमवार | शाम 4:28 से 18 मई सुबह 5:29 तक | चित्रा | |
| 20 मई | गुरुवार | शाम 4:28 से 21 मई सुबह 5:27 तक | अनुराधा | |
| 21 मई | शुक्रवार | सुबह 5:27 से दोपहर 2:51 तक | अनुराधा | |
| 24 मई | सोमवार | रात 10:58 से 25 मई सुबह 5:26 तक | उत्तराषाढ़ा | |
| 31 मई | सोमवार | सुबह 5:24 से 1 जून सुबह 5:24 तक | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | पूरा दिन |
जून 2027
| तारीख | दिन | मुहूर्त (नई दिल्ली) | नक्षत्र | ध्यान दें |
|---|---|---|---|---|
| 5 जून | शनिवार | रात 9:58 से 6 जून तड़के 4:36 तक | मृगशिरा | |
| 14 जून | सोमवार | सुबह 5:23 से शाम 5:28 तक | चित्रा | |
| 16 जून | बुधवार | शाम 7:44 से 17 जून तड़के 3:20 तक | अनुराधा | |
| 21 जून | सोमवार | सुबह 5:24 से 22 जून सुबह 5:24 तक | उत्तराषाढ़ा | पूरा दिन |
| 26 जून | शनिवार | शाम 7:22 से रात 9:51 तक | उत्तरा भाद्रपद | चातुर्मास से पहले आख़िरी |
नवंबर 2027
| तारीख | दिन | मुहूर्त (नई दिल्ली) | नक्षत्र | ध्यान दें |
|---|---|---|---|---|
| 1 नवंबर | सोमवार | सुबह 6:33 से 9:57 तक | अनुराधा | |
| 4 नवंबर | गुरुवार | रात 9:37 से 5 नवंबर सुबह 6:36 तक | उत्तराषाढ़ा | |
| 5 नवंबर | शुक्रवार | सुबह 6:36 से शाम 6:19 तक | उत्तराषाढ़ा | |
| 10 नवंबर | बुधवार | सुबह 6:39 से 9:11 तक | उत्तरा भाद्रपद | |
| 11 नवंबर | गुरुवार | सुबह 10:07 से 12 नवंबर सुबह 6:41 तक | रेवती | |
| 12 नवंबर | शुक्रवार | सुबह 6:41 से 7:55 तक | रेवती | |
| 15 नवंबर | सोमवार | सुबह 7:05 से 16 नवंबर सुबह 5:41 तक | रोहिणी | |
| 22 नवंबर | सोमवार | रात 8:43 से 23 नवंबर सुबह 6:50 तक | उत्तरा फाल्गुनी |
दिसंबर 2027
| तारीख | दिन | मुहूर्त (नई दिल्ली) | नक्षत्र | ध्यान दें |
|---|---|---|---|---|
| 2 दिसंबर | गुरुवार | दोपहर 1:43 से 3 दिसंबर रात 2:29 तक | उत्तराषाढ़ा | |
| 8 दिसंबर | बुधवार | सुबह 7:01 से 9 दिसंबर सुबह 7:02 तक | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | पूरा दिन |
| 9 दिसंबर | गुरुवार | सुबह 7:02 से शाम 5:27 तक | रेवती | |
| 13 दिसंबर | सोमवार | रात 9:38 से 14 दिसंबर सुबह 7:05 तक | मृगशिरा | धनु खरमास से पहले आख़िरी |
| 22 दिसंबर | बुधवार | सुबह 7:10 से 23 दिसंबर रात 12:09 तक | चित्रा | धनु खरमास के भीतर |
खरमास वाली 9 तारीखें मैंने अलग क्यों दिखाई हैं
पंचांग की सूचियाँ खरमास के दिनों में भी कुछ तारीखें दे देती हैं, क्योंकि उस दिन नक्षत्र और तिथि ठीक बैठते हैं। पर सूर्य जब धनु या मीन राशि में होता है, तब उत्तर भारत के ज़्यादातर परिवार नए घर में प्रवेश नहीं करते। 2027 में खरमास तीन हिस्सों में पड़ेगा: साल की शुरुआत में 14 जनवरी तक, फिर मीन संक्रांति से यानी मार्च के बीच से अप्रैल के बीच तक, और साल के आख़िर में लगभग 16 दिसंबर से।
इसीलिए 1 जनवरी, 15 से 31 मार्च तक की छह तारीखें, 1 अप्रैल और 22 दिसंबर को मैंने अलग निशान दिया है। अगर आपके परिवार में खरमास नहीं माना जाता, तो ये भी काम की हैं। 15 मार्च का दिन ठीक मीन संक्रांति के आसपास है, इसलिए उसे अपने पंडित जी से पक्का करवा लें। मीन खरमास से पहले की आख़िरी पक्की तारीखें 10 और 11 मार्च हैं।
बेंगलुरु या मुंबई में समय कैसे बदलेगा
एक बात लोग अक्सर नहीं जानते। नक्षत्र और तिथि बदलने का पल पूरे भारत में एक ही होता है, क्योंकि वह चंद्रमा की स्थिति से तय होता है। जो शहर के हिसाब से बदलता है, वह है सूर्योदय, और उस पल उगने वाला लग्न। इसलिए जिस मुहूर्त का अंत “सुबह 6:59” लिखा है, वह दिल्ली का सूर्योदय है; बेंगलुरु या चेन्नई में वह कुछ मिनट आगे-पीछे होगा। फ़रवरी में बेंगलुरु का सूरज दिल्ली से पहले निकलता है, जून में बाद में। प्रवेश का असली पल मैं आपके शहर के लग्न से चुनता हूँ, ऐसा लग्न जो स्थिर राशि का हो और घर के मालिक की कुंडली से मेल खाए।
सूची से आपकी अपनी तारीख तक
36 तारीखों में से सही दिन चुनने के लिए मैं घर के मालिक की कुंडली खोलता हूँ। अगर फ़्लैट पति-पत्नी दोनों के नाम है, तो दोनों की। देखता हूँ कि उस दिन जन्म नक्षत्र से तारा बल है या नहीं, चंद्र राशि से चंद्र बल कैसा है, और चौथा भाव, जो घर का भाव है, उस समय किस दशा के असर में है। जो दिन मालिक के लिए कमज़ोर निकले, वह सूची से हट जाता है, चाहे पंचांग में कितना भी अच्छा दिखे।
अंग्रेज़ी में मैंने इस पूरे साल की तस्वीर, कौन से त्योहार भीड़ वाले हैं और चाबी चातुर्मास में मिले तो क्या करें, griha pravesh muhurat 2027 वाले पेज पर लिखी है। शादी, गाड़ी और कारोबार के मुहूर्त का साल भर का हिसाब शुभ मुहूर्त 2027 पर है। और साफ़ बता दूँ, मैं पूजा या हवन नहीं करवाता। पूजा आपके पंडित जी करेंगे, मैं सिर्फ़ दिन और समय चुनकर देता हूँ।
प्रवेश से पहले घर पर एक नज़र
मुहूर्त एक सुबह का होता है, घर का नक्शा बरसों साथ रहता है। चाबी मिलते ही ख़ाली घर में मुख्य दरवाज़े पर खड़े होकर, अंदर की तरफ़ मुँह करके फ़ोन का कंपास देखें। बेंगलुरु के फ़्लैटों में मैंने बार-बार देखा है कि बिल्डर “पूर्वमुखी” बताकर बेचता है और घर असल में दक्षिण-पूर्व की ओर होता है। ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व, में शौचालय हो तो वह बड़ा दोष है, उसे प्रवेश से पहले मुझे दिखा दें। हैंडओवर के दिन की पूरी जाँच सूची गृह प्रवेश वास्तु चेकलिस्ट पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अक्षय तृतीया 2027 पर गृह प्रवेश कर सकते हैं?
हाँ, 8 मई 2027 को पूरे दिन का मुहूर्त है, रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र में। कुछ पंचांग अक्षय तृतीया 9 मई को मानते हैं, पर गृह प्रवेश की सूची में 8 मई ही है। यह साल का सबसे भीड़ वाला दिन होगा, इसलिए पंडित जी को पहले से बुक कर लें।
वसंत पंचमी, 11 फ़रवरी 2027, को गृह प्रवेश ठीक रहेगा?
उस दिन रेवती नक्षत्र में सुबह 7:03 से 12 फ़रवरी तड़के 3:18 तक लंबा मुहूर्त है, तो पंचांग के हिसाब से दिन अच्छा है। कई परिवार वसंत पंचमी को अपने आप में शुभ मानते हैं। फिर भी मैं उसे मालिक की कुंडली से मिलाकर ही पक्का करता हूँ।
शनिवार को गृह प्रवेश कर सकते हैं?
पंचांग सूची में 27 फ़रवरी, 8 मई, 15 मई, 5 जून और 26 जून जैसे शनिवार हैं, यानी नियम से मना नहीं है। कुछ परिवार शनिवार को नए काम की शुरुआत नहीं करते। आपके घर का जो रिवाज़ है, मैं उसी को मानकर तारीख चुनता हूँ।
रात के मुहूर्त में गृह प्रवेश कैसे करें?
जैसे 10 फ़रवरी का मुहूर्त असल में 11 फ़रवरी तड़के 3:04 से शुरू होता है। ऐसे में परिवार मुहूर्त के भीतर कलश लेकर दहलीज़ पार कर लेता है और दीपक जला देता है; बाकी पूजा और भोजन सुबह हो सकता है। ज़रूरी बस इतना है कि प्रवेश उसी समय के अंदर हो।
मुहूर्त की तारीख निकालने के लिए किसकी कुंडली चाहिए?
घर जिसके नाम है उसकी, और अगर परिवार के मुखिया कोई और हैं तो उनकी भी। संयुक्त मालिक हों तो दोनों की। हर व्यक्ति की जन्म तारीख, सही समय और जन्म स्थान भेजें।
अपनी तारीख तय करवाएँ
घर मिलने की तारीख, शहर और मालिक का जन्म विवरण WhatsApp पर भेजें। 45 मिनट की कॉल पर, हिंदी में, मैं आपको कुछ दिन और उनके भीतर प्रवेश का समय बता दूँगा, और लिखित नोट 48 घंटे में पहुँच जाएगा। एक कुंडली की ज्योतिष कॉल ₹1,499 की है; दो या ज़्यादा कुंडली देखनी हों तो फ़ीस बुकिंग के समय बता दूँगा। फ़्लैट का वास्तु सेशन अलग से ₹1,499। हिंदी में मेरे बाकी परामर्श के बारे में ऑनलाइन ज्योतिष परामर्श पेज पर पढ़ें, या सीधे यहाँ समय बुक करें। कॉल और WhatsApp: +91 74838 52618, सुबह 9 से रात 8 बजे तक।

